तृषार

गंतव्यों के बारे में नहीं सोचता, चलता जाता हूँ.

खजुराहो – कामुक प्रतिमाएं या जीवन दर्शन?

खुद ब्रह्मचर्य के मशहूर प्रयोग करने वाले गांधीजी खजुराहो की मैथुन मूर्तियों को देश की संस्कृति के लिए शर्म मानते…